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डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारण
डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का कोई à¤à¤• कारण नहीं होता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से नहीं कहा जा सकता कि किसी को डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ किस कारण से हà¥à¤† है। किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ चिंता के कारण हो सकता है तो किसी के डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की कोई और वजह हो सकती है। चिकितà¥à¤¸à¤•ों व à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का यह मानना है कि डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के पीछे किसी कारण की कोई à¤à¥‚मिका नहीं होती। ये अलग-अलग कारणों से हो सकता है।
à¤à¤¸à¥‡ में डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ कारण निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं-
1. असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनोदशा
असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनोदशा à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ मनोदशा होती है जिसके कारण हमें सà¥à¤– का अनà¥à¤à¤µ नहीं होता। इसमें चिंता, उदासीनता, खालीपन, निराशा, घबराहट आदि समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं। इन सà¤à¥€ के कारण अगर हमें सà¥à¤– ना मिले तो हम हमेशा दà¥à¤–ी रहते हैं और इन सब के कारण हमारी उरà¥à¤œà¤¾ का नà¥à¤•़सान होता रहता है। हमारा मानसिक सà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता रहता है।असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनोदशा के कारण हमें डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। हमारे मन में नकारातà¥à¤®à¤• विचार उठते रहते हैं। हम अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाते हैं। इसी के साथ साथ हमें बार बार निराशा का अनà¥à¤à¤µ होता रहता है। असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनोदशा के कारण हम जलà¥à¤¦à¥€ इरिटेट हो जाते हैं। अचà¥à¤›à¥‡ काम को à¤à¥€ हम बà¥à¤°à¤¾ कह जाते हैं।
हम à¤à¤²à¤¾ बà¥à¤°à¤¾ सोचने पर मजबूर हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इंसान सदा लाचारी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहता है। उसे सदा निराशा घेरे रहती है। वह अपने आस पास किसी को पसंद नहीं करता। अकेलापन उसे अचà¥à¤›à¤¾ लगने लगता है अगर कोई उसे अचà¥à¤›à¥€ बात à¤à¥€ समà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है तो वह उसे कांटे की तरह चà¥à¤à¤¨à¥‡ लगती है।हर बात पर वह लड़ाई à¤à¤—ड़ा करने पर उतर जाता है। वह हमेशा अपनी à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की चिंता करता है और इसी के चलते वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हो रही आनंददायक चीज़ों का सà¥à¤– à¤à¥€ महसूस नहीं कर पाता है। ये सारी चीज़ें डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ को जनà¥à¤® दे सकती हैं।
2. निदà¥à¤°à¤¾ की कमी
मनà¥à¤·à¥à¤¯ को मानसिक व शारीरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठसबसे जरूरी है नींद पूरी करना। à¤à¤• वयसà¥à¤• इंसान को 24 घंटे में कम से कम 7-8 घंटे की अचà¥à¤›à¥€ नींद लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।अगर वह अपनी नींद पूरी नहीं कर पाता है तो उसे थकावट महसूस होगी। थकावट के कारण उसे हर काम में आलसà¥à¤¯ लगेगा। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ सब कारणों से उसका पूरा शरीर à¤à¤¾à¤°à¥€ रहेगा और वह खà¥à¤¦ को तरोताजा महसूस नहीं कर पाà¤à¤—ा। नींद की कमी से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का किसी à¤à¥€ कारà¥à¤¯ में दिल नहीं लगता। फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प वो अपने काम को टालता रहता है। इससे न सिरà¥à¤«à¤¼ काम ही पीछे रह जाता है बलà¥à¤•ि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤¯à¤‚कर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है।नींद की कमी से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अशांत हो जाता है जिससे ना चाहते हà¥à¤ à¤à¥€ दिमाग़ में नकारातà¥à¤®à¤• विचार आते हैं। इससे डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का जनà¥à¤® हो सकता है।
3. संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•
संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ सोचने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का कम होना। इसके कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ में कमी हो सकती है। वह हर काम धीमी गति से करता है। वह हर छोटी छोटी चीजों को à¤à¥‚ल जाता है और उसे कà¥à¤› à¤à¥€ याद नहीं रहता। उसे कà¥à¤› नई और कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बातें याद आती रहती हैं। ये सब चीज़ें है जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ को डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार बना सकती हैं।
4. नशा
नशा यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ आदत है जिसमें लोग वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता से दूर रहते हैं। उनमें वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने की शकà¥à¤¤à¤¿ नहीं होती। à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से हम यह कह सकते हैं कि नशे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोग डरपोक हो सकते हैं। नशा करने वाला कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जीवन के उतार चढ़ाव का सामना करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को खो देता है। नशे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कोई à¤à¥€ इंसान वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता से इतना दूर हो जाता है कि यदि उसे वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• जीवन की थोड़ी à¤à¥€ परेशानी सामने दिखती है तो वह तà¥à¤°à¤‚त डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार हो जाता है। नशा डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का à¤à¤• बहà¥à¤¤ बड़ा कारण है।
अनà¥à¤¯ कारण-
1.) तनावपूरà¥à¤£ घटनाà¤à¤‚
2.) आरà¥à¤¥à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾
3.) पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारी
4.) मानसिक बीमारी का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त इतिहास
अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक और मनो-सामाजिक असंतà¥à¤²à¤¨ के कारण à¤à¥€ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। इसके अनेक à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• कारण à¤à¥€ हो सकते हैं जैसे कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£, मौसम, बीमारी, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, आदि। 90% डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के मरीज नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ के गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं। वह ना तो ढंग से सो पाते हैं और ना ही अपनी इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं की पूरà¥à¤¤à¤¿ कर पाते हैं। डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का à¤à¤• कारण हमारा समाज à¤à¥€ है। समाज के डर से कà¥à¤› लोग डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार हो जाते हैं। समाज के लोग कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे इस डर से इंसान अपनी बनी बनाई हà¥à¤ˆ जिंदगी को बेकार कर लेता है।
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